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कलयुग के प्रेम में भी है अमर करने की ताकत

You Are The Best Wife by Ajay K Pandey


किताब: यू आर  दी बेस्ट वाईफ  

लेखक: अजय के पांडे 

यह किताब लेखक और उनकी पत्नी की सच्ची कहानी है।  

         "प्यार आपको धर्म निरपेक्ष बना देता है।"

        "Love makes us secular."

        अजय के पांडे की खूबसूरत किताब पूरी करने तक मेरी आंखों में आंसू थे और दिमाग में बहुत से सवाल घूम रहे थे। मेरे मन ने भी भगवान के होने पर कई सवालिया निशान लगा दिए थे। क्या भगवान सच में इतना निर्दयी हो सकता है? जब किसी को हमसे छीनना ही है तो उसे हमारी जिंदगी का हिस्सा क्यों बनाता है?

किताब किन लोगों को अधिक पसन्द आ सकती है

        यदि आप रोमांच, रोमांस, व्यंगय व स्टीक लेखनी के शौकीन हैं तो ये किताब आपके लिये है। आपको ये किताब सेल्फ इंप्रुवमेंट में भी मदद करेगी। यह किताब आपको बखुबी बतायेगी कि जिन्दगी सुख, दुख और संघर्ष का मिलाजुला नाम है ।

कहानी

        यह किताब लेखक और उनकी पत्नी की सच्ची कहानी है। भगवान को जब किसी को हमसे छीनना ही है तो उसे हमारी जिंदगी का हिस्सा क्यों बनाता है? किताब  का अंत होते-होते  लेखक ने इस सवाल का जवाब दे दिया कि शायद जो पल उस  भगवान ने हमें दिए बहुत बेहतरीन थे और वे पल एक पूरी जिंदगी के बराबर थे। लेखक ने लिखा कि आपकी जिंदगी कितनी बेहतरीन थी इसको दिनों की गिनती से नही आंका जाता। बल्कि इस बात से आंका जाता है कि इसमें आपने जितने भी पल जीये वह कितने खुशगवार थे और कितने यादगार थे । आपको जिन्दगी में ऐसे कितने मौके मिले जब आप अपनी किस्मत पर खुश हुये होंगे। बस यही बेहतरीन पल जिन्दगी को बेहतरीन मानने का पैमाना है ना कि उम्र बताने वाले चंद अंक।

            "हमारे द्वारा ली जाने वाली सांसों की संख्या से जीवन को नहीं मापा जाता है, बल्कि उन क्षणों से मापा जाता है जब हमने जीवन भरपूर जीया।

          जीवन एक सफर है हम सब पैदा हुए हैं और किसी दिन मरेंगे। कुछ अपनी रजत जयंती मनाते हैं, कुछ स्वर्ण मनाते हैं और कुछ एक सदी तक जीते हैं। लेकिन जीवन का मूल्यांकन जीवित वर्षों की संख्या के आधार पर नहीं किया जा सकता है। जीवित वर्षो में जीवन कैसा जीया, उसकी गुणवत्ता पर जीवन का मूल्यांकन निर्भर करता है। अंक मायने नही रखते।"

        "Life is not measured by the number of breaths we take, but by the moments that take our breath away.
        Life is a journey; we all are born and will die someday. Some celebrate their silver jubilees, some celebrate golden ones and some may score a century, but life cannot be evaluated on the basis of the number of years spent alive. The quality of the life is what matters, not the quantity."

    अजय के पांडे की खूबसूरत किताब उनके हमसफर भावना के साथ जीये लम्हे को दिखाती है किताब इतनी खूबसूरती से लिखी है कि मानो आंखों के सामने सब सजीव और लाईव हो रहा हो। मानो मैं भी कहीं उन दोनों की जिंदगी का हिस्सा रही हूं। मानो उन दोस्तों की भीड़ में कहीं मैं भी थी, जो चाहती थी कि भावना को कुछ ना हो, जो किताब पढ़ते पढ़ते ही सोच रही थी कि अभी उम्मीद की एक किरण जागेगी और भावना फिर से स्वस्थ हो जाएगी, जो हर बार आंसुओं से आंखे भर लेती थी जब भी डाक्टर अजय को बुलाता था। 

    ये किताब हमें एक बहुत अच्छे संदेश के साथ छोड़ती है कि जिन्दगी जिन्दादिली का नाम है। और ये भी कि कलयुग में भी प्यार अमर करने वाले कुछ प्रेमी हैं।

    किताब पढ़ने के बाद इतना जरूर कहना चाहुंगी कि भावना आज हर पाठक के मन में है। हर पाठक की सहेली है और हर पाठक के साथ उसका रिश्ता है। सही कहा लेखक ने, कि वह भावना को जिंदा रखेगा। लेखक की कोशिश कामयाब हुयी। मुझे लगता है जो भी पाठक इस किताब को पड़ेगा वह उसकी जिंदगी फिर से देखेगा और भावना हर बार नयी जिंदगी  जीयेगी। खुशहाल और बेहतरीन जिंदगी।

    भावना के माता-पिता ने उसका नाम सही ही रखा था। उसके बारे में पढ़कर हर मन भावुक हो उठा होगा।  लेखक को  उसकी लेखनी के लिए नंबर दे सकूं मैं खुद को इस काबिल नहीं समझती। मगर हां, अंत में बस इतना ही कहना चाहूंगी कि लेखक अजय के पांडे अपने मकसद में कामयाब हुये। लेखक ने अपनी भावना को अमर कर दिया।  

किताबों कि दुनिया से

रूचिका सचदेवा

जरूरी सूचना: मैं आलोचक या रिवयुअर नही ब्लाॅगर हुं जो विचार सांझा करती हुं। किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मेरा कोई मकसद नही। मैं केवल शब्दों के पीछे छुपी निशब्द भावनाओं को पढ़ने की कोशिश कर रही हुं।

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